Friday, 12 August, 2022

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तृष्णा पर सुविचार

जो कुछ भी दुःख होता है, वह सब तृष्णा के कारण होता है.

-सुत्तनिपात

विजय-तृष्णा का अन्त पराभाव में होता है.

-जयशंकर प्रसाद

 Crave Quotes in Hindi- तृष्णा की कोई सीमा नहीं बांधी जा सकती.

-अज्ञात

असीम आवश्यकता नहीं, तृष्णा होती है.

-जैनेन्द्र

रत्नों से भरी हुई सारी पृथ्वी, संसार का सारा सुवर्ण, सारे पशु और सुन्दर स्त्रियाँ किसी एक पुरूष को मिल जायें, तो भी वे सब के सब उसके लिए पर्याप्त नहीं होंगे. वह और भी पाना चाहेगा. ऐसा समझकर शान्ति धारण करें, भोगेच्छा को दबा दें.

-वेदव्यास

Crave Quotes in Hindi- तृष्णा सबसे बढ़कर पापिष्ठ तथा नित्य उद्वेग करने वाली बताई गई है. उसके द्वारा प्रायः अधर्म ही होता है. वह अत्यन्त भयंकर पाप बन्धन में डालने वाली है.

-वेदव्यास

तृष्णा को जो त्याग देता है, उसी को सुख मिलता है.

-वेदव्यास

Crave Quotes in Hindi- यह तृष्णा यद्यपि मनुष्यों के शरीर के भीतर ही रहता है, तो भी इसका कहीं आदि अन्त नहीं है. लोहे के पिण्ड की आग के समान यह तृष्णा प्राणियों का विनाश कर देती है.

-वेदव्यास

 विषय—भोग और धन का लाभ होने से मनुष्य की तृष्णा और अधिक बढ़ जाती है. घी से शान्त होने वाली प्रज्वलित अग्नि की भांति मानव कभी विषय-भोग और धन से तृप्त नहीं होता.

-वेदव्यास

वृद्धावस्था आने पर केश जीर्ण हो जाते हैं, दांत जीर्ण हो जाते हैं, नेत्र और कान जीर्ण हो जाते हैं, किन्तु एक तृष्णा ही जीर्ण नहीं होती.

-वेदव्यास

कामना करने वाले मनुष्य की एक कामना जब पूर्ण हो जाती है तो दूसरी कामना उपस्थित हो जाती है. तृष्णा बाण के समान तीक्ष्ण प्रहार करती है.

-वेदव्यास

विषय-वासना की अग्नि कभी उपभोग से शांत नहीं होती अपितु उसी प्रकार और भी बढ़ती है जैसे हवि से अग्नि की ज्वाला. पृथ्वी भर में जितना धान्य, यव, सुवर्ण, पशु और स्त्रियाँ हैं, वे सब एक पुरूष के उपभोग में आने पर भी उसे तुष्टिकारक नहीं हो सकतीं, यही सोचकर मनुष्य को मन में शांति करनी चाहिए.

-मत्स्यपुराण

जिनका अन्तःकरण स्वरूप प्रतीत होता है. सब प्राणियों के जो अन्दर होता है वही बाहर जगत में दिखाई देता है.

-योगवासिष्ठ

Crave Quotes in Hindi- जहां-जहां तृष्णा है, वहा-वहा संसार है, यह जान लो.

-अष्टावक्रगीता

जो इच्छाओं से अभिभूत हैं, वे मत्र्य लोक में क्या, स्वर्ग में भी शांति नहीं पाते. तृष्णावान को काम से तृप्ति नहीं होती, जैसे हवा का साथ पाकर अग्नि की ईधन से तृप्ति नहीं होती.

-अश्वघोष

Crave Quotes in Hindi- कामवान् व्यक्ति में काम रूप सम्पत्ति को विपत्ति ही समझना चाहिए, क्योंकि कामना पूर्ण होने पर मद होता है. मद से मनुष्य अकार्य करता है, कार्य नहीं, जिससे घायल होकर वह दुर्गति को प्राप्त होता है.

-अश्वघोष

जब तक मनुष्य तृष्णा से युक्त रहता है, तब तक समृद्धिशाली होने पर भी दरिद्र ही रहता है.

-अश्वघोष

Crave Quotes in Hindi- सत्य बोलने वाले भी मनुष्य जो कृष्णता के कारण वाचाल होते हुए भुख थकने तक अविद्यमान भी गुणों से राजा की स्तुति करते है, यह सब अवश्य ही तृष्णा का ही प्रभाव हो सकता है अन्यथा इच्छा व्यक्तियों के लिए राज तिनके के समान तिरस्कार का विषय होता है.

-विशाखदत्त

वृद्धावस्था में-मुख पर झुर्रियां पड़ गयी, सिर के बाल सफेद हो गये, शरीर के अंग शिथिल हो गये, किन्तु एक तृष्णा ही तरूण होती जाती है.

-भर्तृहरि

जो कार्य किया ही नही गया है, उससे कोई लाभ नहीं हो सकता और जो किया गया है उसका फल नष्ट नहीं हो सकता. अरी तृष्णा ! तूने संयोग से ही संसार को अपना दास बना लिया है.

-भगत जल्हण

 मृगनयनी युवतियाँ मार्ग में मुझे देखकर तात कहकर पुकारती हैं, यही वज्रपात है.

-अज्ञात

Crave Quotes in Hindi- तृष्णा दुष्चरित्र स्त्री के समान मनुष्य को अनुचित कार्यो में प्रेरित करती है.

-अज्ञात

हे धीर पुरूष ! आशा, तृष्णा और स्वच्छन्दता का त्याग कर. तू स्वयं ही इन काँटों को मन में रखकर दुखी हो रहा है.

-आचाराग

जो मनुष्य प्रज्ञावान है, वीर्यवान है और पंडित है, भिक्षु है, वह शील पर प्रतिष्ठि हो, चित्त (समाधि) और प्रज्ञा की भावना करते हुए इस (तृष्णा) को काट सकता है.

-विसुद्धिमग्ग

Crave Quotes in Hindi- पुष्प में कीट के समान यहाँ तृष्णा जगी रहती है. हृदय के भीतर यहाँ वांछित को घेर कर वांछा घूमती रहती है.

-रवीन्द्रनाथ ठाकुर

जब तुम्हारा कुआं भरपुर है, तब भी तुम्हें प्यास का डर क्या स्वयं ऐसी प्यास नहीं है जिसका बुझाना असंभव है.

-खलील जिब्रान

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